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राजस्व मंत्री के साथ बैठक में राज्य के मंदिर ट्रस्टियों ने ‘देवस्थान इनाम उन्मूलन मसौदे’ का किया तीव्र विरोध!

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आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराने के लिए 30 जून तक समयसीमा बढ़ाने का राजस्व मंत्री का आश्वासन!

मुंबई(Mumbai): ‘महाराष्ट्र देवस्थान इनाम उन्मूलन अधिनियम’ के प्रस्तावित मसौदे को तत्काल रद्द करने की मांग को लेकर अष्टविनायक मंदिर, विदर्भ देवस्थान समिति, विभिन्न प्रमुख मंदिरों के ट्रस्टियों और महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के पदाधिकारियों की 26 मई, 2026 को मंत्रालय में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि ‘मंदिर ट्रस्टियों की मांग पर पूरी गंभीरता से विचार किया जाएगा।’ इसके साथ ही माननीय मंत्री महोदय ने राज्य भर में मंदिरों की जमीनों पर हुए अवैध अतिक्रमणों को हटाने और उक्त प्रस्तावित कानून के मसौदे पर आपत्तियां व सुझाव दर्ज कराने की अंतिम तिथि को 30 जून, 2026 तक बढ़ाने का आश्वासन दिया। यह महत्वपूर्ण जानकारी महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के राष्ट्रीय संगठक श्री सुनील घनवट ने दी।

इस बैठक में स्वातंत्र्यवीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक के कार्यकारी अध्यक्ष श्री रणजित सावरकर, हिंदू विधिज्ञ परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर, राष्ट्रीय वारकरी परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष ह.भ.प. बापू रावकर, श्री मयूरेश्वर (मोरगांव), श्री चिंतामणी (थेऊर), श्री सिद्धिविनायक (सिद्धटेक) और श्री मोरया गोसावी संजीवन समाधि मंदिर आदि का प्रबंधन देखने वाले ‘चिंचवड़ देवस्थान ट्रस्ट’ के ट्रस्टी श्री केशव विद्वांस, पाली स्थित श्री बल्लालेश्वर देवस्थान के अध्यक्ष श्री जितेंद्र गद्रे एवं उपाध्यक्ष श्री वैभव आपटे, हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री रमेश शिंदे, विदर्भ देवस्थान समिति के संस्थापक अध्यक्ष श्री अनुप जैसवाल, अमरावती के श्री पिंगळाई माता देवस्थान के श्री विनोद पाखोडे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। प्रमुख पदाधिकारियों ने मंदिरों की भूमि पर हुए अतिक्रमण, पुजारियों और ट्रस्टियों की विस्तृत समस्याओं को राजस्व मंत्री के समक्ष रखा, साथ ही प्रस्तावित कानून की गंभीर कमियों की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया।

मंदिर ट्रस्टियों ने पुरजोर मांग की कि ‘मंदिरों की इनामी भूमि को बेचने या हस्तांतरित करने के बजाय, महाराष्ट्र सरकार को उन जमीनों से अवैध अतिक्रमण हटाने की ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।’ इस पर सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन देते हुए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, ‘इस अधिनियम के बारे में अधिक से अधिक ट्रस्टी अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकें, इसके लिए विभागीय आयुक्तों सहित तहसीलदार और जिलाधिकारी कार्यालयों को भी इन्हें स्वीकार करने के निर्देश दिए जाएंगे।’

प्रस्तावित कानून रद्द होने तक तीव्र विरोध जारी रहेगा! – मंदिर महासंघ

महाराष्ट्र देवस्थान इनाम उन्मूलन अधिनियम का समस्त मंदिर ट्रस्टी और महाराष्ट्र मंदिर महासंघ दृढ़ता से विरोध करते हैं। वर्तमान सरकार हिंदुत्वनिष्ठ है, इसलिए सरकार को मंदिरों के हित में कानून बनाना चाहिए। जब तक मंदिरों की इनामी भूमि को बेचने के इस प्रस्तावित कानून के मसौदे को पूरी तरह से रद्द नहीं किया जाता, तब तक हमारा विरोध जारी रहेगा। श्री सुनील घनवट ने इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए राज्य के सभी मंदिर ट्रस्टियों, पुजारियों, श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से इस अध्यादेश के विरोध में जल्द से जल्द अपनी लिखित आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराने का आह्वान किया।

भवदीय,
श्री सुनील घनवट
राष्ट्रीय संगठक, मंदिर महासंघ
(संपर्क: 7020383264)

Maharashtra Mandir ParishadShistamandal: महाराष्ट्र राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे को देवस्थान इनाम उन्मूलन प्रारूप वापस लेने संबंधी ज्ञापन सौंपते हुए राज्य के प्रमुख मंदिरों के ट्रस्टी, महाराष्ट्र मंदिर महासंघ, हिंदू संगठन एवं अन्य मान्यवर।


Maharashtra Mandir ParishadShistamandal 1: प्रस्तावित देवस्थान इनाम उन्मूलन प्रारूप के विषय में महाराष्ट्र राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे के साथ चर्चा करते हुए मंदिरों के ट्रस्टी एवं मंदिर संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी।