
हनुमान लोक जामसांवली धाम में 5 दिवसीय दिव्य रामकथा का मंगल शुभारंभ, उमड़ा आस्था का जनसैलाब
चमत्कारिक श्री हनुमान मंदिर ‘हनुमान लोक’ जामसांवली धाम में हनुमान जन्मोत्सव के पावन उपलक्ष्य पर रविवार से भव्य रामकथा का श्रीगणेश हुआ। विश्व विख्यात पद्मविभूषण तुलसीपीठाधीश्वर पूज्य जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य महाराज की ओजस्वी वाणी से प्रथम दिवस पर ही संपूर्ण परिसर राममय हो उठा। हजारों की संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं के जयघोष से वातावरण ‘जय श्रीराम’ और ‘जय जय हनुमान’ की गूँज से सराबोर रहा।
कथा के प्रथम सोपान पर मर्यादा और धर्म का संदेश देते हुए पूज्य जगद्गुरु ने कहा कि संपूर्ण रामायण एक दिव्य स्वरूप है जो बाल लीला, विवाह लीला, वनवास लीला, रणभूमि और राज्याभिषेक जैसी पांच प्रमुख लीलाओं पर आधारित है। उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में स्पष्ट किया कि भगवान राम ने इस धरती पर अवतार लेकर अन्याय और अधर्म का विनाश किया तथा सत्य की स्थापना की। उनका जीवन केवल एक राजकुमार का जीवन नहीं था, बल्कि वह मानवता के लिए आदर्श, प्रेरणा और कर्तव्यपथ का साक्षात प्रकाश स्तंभ है।
इस पावन अवसर पर महाराज जी ने जामसांवली धाम में विराजमान लेटी हुई हनुमान प्रतिमा के अलौकिक रहस्य को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि लंका विजय के पश्चात उत्तर दिशा की ओर प्रस्थान करते समय पवनपुत्र ने इसी पवित्र भूमि पर विश्राम किया था। विश्व में हनुमान जी की ऐसी मुद्रा अत्यंत दुर्लभ और चमत्कारिक है। उन्होंने साक्षात कृपा स्वरूप इस जाग्रत मूर्ति के दर्शन कर समस्त विश्व के मंगल की कामना की।
कथा मंच पर मुख्य यजमान संस्थान अध्यक्ष गोपाल शर्मा एवं जिला भाजपा अध्यक्ष व प्रबंध ट्रस्टी संदीप मोहोड ने सपत्नीक पूज्य जगद्गुरु के चरण पादुका का विधि-विधान से पूजन किया। इस गरिमामयी आयोजन में राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे, कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ, पुलिस अधीक्षक सुंदर सिंह कनेश, नागपुर के मुधोजी राजे भोंसले, रेमंड के डायरेक्टर जे.के. शर्मा और अमरावती की सांसद सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने महाराज श्री का आत्मीय सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इससे पूर्व चित्रकूट से आगमन पर महाराज जी का भव्य स्वागत किया गया। जामसांवली के प्रवेश द्वार पर वारकरी संप्रदाय की परंपरागत दिंडी यात्रा और पीत वस्त्र धारण किए महिलाओं द्वारा निकाली गई भव्य कलश यात्रा ने आयोजन को दिव्यता प्रदान की। मंदिर परिसर में नन्हीं छात्राओं द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना और राम स्तुति ने सभी का मन मोह लिया। प्रथम दिवस की कथा का आरती के पश्चात मंगल विराम हुआ और कल द्वितीय दिवस पर पुनः अमृतवाणी का प्रवाह होगा।















