Home Artical Blog श्याम मानव का ‘बुवा तेथे बाया’ कार्यक्रम रद्द करने की मांग..!

श्याम मानव का ‘बुवा तेथे बाया’ कार्यक्रम रद्द करने की मांग..!

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– हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति 

मुंबई (Mumbai):- हिंदू धर्म, हिंदुओं के संतों और संगठनों पर लगातार अशोभनीय टिप्पणी करनेवाले अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के संस्थापक प्रो. श्याम मानव का ‘बुवा तेथे बाया’ व्याख्यान दादर में आयोजित होनेवाला है। प्रो. श्याम मानव और अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की विवादास्पद पृष्ठभूमि को देखते हुए यह निश्चित है कि वे इस व्याख्यान में हिंदू संतों के बारे में अपमानजनक वक्तव्य करेंगे, ऐसा हमें विश्वास है। इसलिए इस व्याख्यान को अनुमति न दी जाए, ऐसी मांग हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति की ओर से की गई है तथा इस संबंध में शिवाजी पार्क पुलिस थाने में निवेदन दिया गया है। इस अवसर पर राष्ट्रीय वारकरी परिषद के कार्याध्यक्ष ह.भ.प. बापू महाराज रावकर, हिंदू जनजागृति समिति के श्री प्रसाद मानकर, धर्माभिमानी स्वाती पांडेय, विद्या हरपुडे, सर्वश्री केतन शेंडे, विशाल ठक्कर, संतोष हरपुडे, राहुल पाटकर तथा सनातन संस्था के श्री चंद्रकांत भदिर्के उपस्थित थे।

अनेक महिलाओं को ठगनेवाले अशोक खरात प्रकरण के बाद प्रो. श्याम मानव इस मामले का संदर्भ लेकर सभी हिंदू बुवा अर्थात प्रवचनकारों और संतों पर कीचड़ उछालने वाले बयान दे रहे हैं। ‘बुवा तेथे बाया’ ऐसा नाम देकर उन्होंने महिलाओं का भी अपमान किया है। इसके माध्यम से वे श्रद्धावान महिलाओं को मानो मूर्ख समझकर यह व्याख्यान दे रहे हैं। 12 मई को सायं 5.30 बजे राजर्षि शाहू महाराज सभागृह, शिवाजी मंदिर, दूसरी मंजिल, दादर (प.) में यह व्याख्यान आयोजित किया गया है। हिंदू धर्म और संत परंपरा के प्रति द्वेष रखने वाले मानव ने सामाजिक न्याय विभागद्वारा आयोजित जादूटोना कानून जनजागृति कार्यक्रम में ‘ज्ञानेश्वरांनी रेड्यामुखी वेद वदवले’ यह पूरी तरह झूठ बताया था तथा ‘१४ साल का कुलकर्णी का लड़का क्या दीवार चलाएगा?’ जैसे धार्मिक भावनाओं को आहत करनेवाले और जातिवादी वक्तव्य पहले भी दिए हैं।

इस पूर्व अनुभव को देखते हुए यह संभावना है कि श्याम मानव अब भी अपने व्याख्यान में हिंदू संतों पर बेछूट टिप्पणी करेंगे। ऐसा होने पर कानून एवं व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। महिलाएं अंधश्रद्धा के कारण बाबा-बुवाओं के पीछे लगती हैं, ऐसा सामान्यीकृत बयान देना पूरे महिला वर्ग का अपमान है। एक प्रकार से वे महिलाओं को चरित्रहीन सिद्ध करने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए इस व्याख्यान को अनुमति न दी जाए, ऐसा आवाहन हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति ने किया है। यदि यह व्याख्यान हुआ और उसमें मानव ने आपत्तिजनक वक्तव्य दिए, तो उसके बाद उत्पन्न होनेवाली परिस्थिति के लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार रहेगा, इसका संज्ञान प्रशासन को लेना चाहिए, ऐसा हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति ने कहा है।
आपका विनीत,

श्री. सुनील घनवट